दिल्ली

‘आप’ से गठबंधन पर कांग्रेस में मतभेद, कार्यकर्ताओं से रायशुमारी पर शीला को ऐतराज

नई दिल्ली | लोकसभा चुनाव के लिए ‘आप’ के साथ गठबंधन के मुद्दे पर दिल्ली कांग्रेस में मतभेद हो गया है। गठबंधन के मुद्दे पर पार्टी कार्यकर्ताओं से राय पूछे जाने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित ने ऐतराज जाहिर किया है। वहीं, पूर्व अध्यक्ष अजय माकन ने कहा है कि आखिर इसमें हर्ज ही क्या है?
‘आप’ के साथ गठबंधन को लेकर दिल्ली कांग्रेस में विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शीला दीक्षित लगातार इसका विरोध करती रही हैं। वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ दिल्ली के नेताओं की बैठक में भी इस मुद्दे पर पार्टी नेताओं के बीच तकरार हो चुकी है।
माना जा रहा था कि राष्ट्रीय नेतृत्व ‘आप’ के साथ गठबंधन पर दिल्ली कांग्रेस के रुख से सहमत हो चुका है, लेकिन हाल में पार्टी की ओर से दिल्ली कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे पर राय पूछी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के दिल्ली प्रभारी पीसी चाको की आवाज में रिकॉर्ड किए हुए संदेश से पार्टी कार्यकर्ताओं से पूछा जा रहा है कि वह ‘आप’ से गठबंधन के पक्ष में हैं या उसके खिलाफ हैं।
इस संबंध में गुरुवार शीला दीक्षित ने इस पर ऐतराज जाहिर किया। उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हैं और उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। दूसरी ओर, दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ताओं से होने वाली रायशुमारी को कौन बुरा कहेगा? इससे अच्छी बात क्या होगी? कार्यकर्ता भी चाहता है कि सारे फैसले उससे पूछकर लिए जाएं। अगर कार्यकर्ताओं से गठबंधन के बारे में राय पूछी जा रही है तो इसमें आखिर ऐतराज क्यों है।
उन्होंने कहा कि यह रायशुमारी शक्ति एप के माध्यम से हो रही है जो राहुल गांधी के निर्देश पर चलता है। इसलिए इस पर सवाल करके राहुल गांधी के निर्णय पर सवाल किया जा रहा है जोकि गलत है। उन्होंने यहां कभी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पार्टी के फैसलों में कार्यकर्ताओं को शामिल करने की बात किया करते थे, लेकिन इसे कांग्रेस ने लागू करके दिखाया है। इसका स्वागत किया जाना चाहिए।
52 हजार कार्यकर्ताओं से रायशुमारी होगी
पार्टी सूत्रों की मानें तो शक्ति एप के माध्यम से दिल्ली में कांग्रेस के 52 हजार से ज्यादा कार्यकर्ता जुड़ चुके हैं। इन सभी से ‘आप’ से गठबंधन करने या नहीं करने को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि हाल ही में हुए तीन राज्यों के चुनाव के समय भी इस एप के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की गई थी।
राजीव गांधी पर प्रस्ताव से बिगड़ी थी बात
सूत्रों की मानें तो ‘आप’ के साथ गठबंधन की बात 22 दिसंबर को विधानसभा में लाए गए प्रस्ताव के बाद बिगड़ी है। प्रस्ताव में सिख दंगों को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की बात कही गई थी। हालांकि, प्रस्ताव को वापस ले लिया गया। मगर, जानकारों का मानना है कि प्रस्ताव के बाद से दोनों पार्टियों में खटास ज्यादा गहरी हो गई।
कब क्या हु्आ
16 जनवरी : शीला दीक्षित ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पद संभालने के साथ ही ‘आप’ के साथ गठबंधन से इनकार किया।
05 मार्च : राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ बैठक में दिल्ली कांग्रेस के ज्यादातर नेताओं ने गठबंधन से इनकार किया, इस दौरान समर्थन करने वाले नेताओं से तकरार हुई।
13 मार्च : शक्ति एप पर दिल्ली के कार्यकर्ताओं पर गठबंधन को लेकर रायशुमारी शुरू हुई। पार्टी के दिल्ली प्रभारी के आवाज में रिकॉर्ड किया हुआ संदेश कार्यकर्ताओं को भेजा जा रहा है।

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