उत्तर प्रदेश

टप्पल बवाल में चार मुकदमे, अभी तक एक भी गिरफ्तारी नहीं

अलीगढ़। टप्पल में मासूम बच्ची के अपहरण बाद नृशंस हत्या के मामले में आरोपियों को तो पुलिस न्यायालय में पेश करके जेल भेज चुकी, लेकिन बिटिया को न्याय दिलाने के नाम पर टप्पल में 09 जून को हुए बवाल में पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर पाई। चार दिन बीतने के बावजूद पुलिस बवालियों को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है, वो भी तब जब पुलिस कर्मियों ने हंगामा करने वालों से लेकर जाम लगाने वालों तक की वीडियोग्राफी व फोटो भी खींचने में देर नहीं लगाई थी। फिर मुकदमा भी एक नहीं चार-चार दर्ज किए थे।
मुकदमा नंबर-एक
टप्पल में मासूम बिटिया की नृशंस हत्या के विरोध में 09 जून को महापंचायत का आह्वान किया गया था। सोशल मीडिया पर मैसेज वायरल होने के चलते बड़ी संख्या में अलीगढ़ के अलावा हरियाणा, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा, हापुड़, बरेली तक के लोग टप्पल पहुंच गए। पुलिस ने लोगों को टप्पल जाने से रोका तो दूरदराज से आए लोगों के साथ कुछ स्थानीय युवाओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने टप्पल से युवकों को खदेड़ा तो उन्होंने यमुना एक्सप्रेस-वे पर जाकर जाम लगा दिया। हालांकि कुछ देर बाद ही पुलिस ने लाठियां फटकार कर जाम खुलवा दिया। लेकिन इस मामले में पुलिस ने 09 जून को ही चार दर्जन से अधिक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया था। इस मामले में टप्पल पुलिस का कहना है कि उपद्रवियों को चिह्नित किया जा रहा है जल्द ही गिरफ्तारी भी की जाएंगी।
मुकदमा- दो
09 जून को ही टप्पल में बवाल के दौरान हरियाणा से एक बारात भी टप्पल क्षेत्र में आई थी। यहां के गांव जहानगढ़ के नजदीक कुछ उपद्रवी युवकों ने बारात की दो स्कार्पियो कार पर पथराव कर दिया। यहां भी जमकर हंगामा हुआ। दूल्हे के रिश्तेदारों ने आरोप लगाया कि युवकों ने उनके साथ मारपीट भी की है। घरों में छिपकर जान बचाई है। दूल्हे के रिश्तेदारों की तहरीर पर पुलिस ने पांच-छह अज्ञात युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज तो कर लिया लेकिन इस मामले में भी टप्पल पुलिस अब तक खाली हाथ ही है।
मुकदमा-तीन
09 जून को ही टप्पल के अलावा एक घटना जट्टारी में भी घटी। हरियाणा का एक परिवार अलीगढ़ के क्वारसी क्षेत्र में लड़की देखने के लिए आ रहा था। जट्टारी में कुछ बाइकर्स ने कार को देखकर रुकवा लिया। इस कार में सवार लोगों को जमकर पीटा। बीच बचाव में आई महिलाओं को भी नहीं बख्शा। मारपीट करने के बाद बाइकर्स फरार हो गए। घटना से घबराए परिवार ने सीधे अलीगढ़ पहुंचकर पूर्व विधायक जमीरउल्लाह खां को इससे वाकिफ कराया। उनके साथ ही थाना सिविल लाइन पहुंचकर तहरीर भी दे दी। पुलिस ने इस मामले में भी 10-12 अज्ञात बाइक सवार युवकों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर लिया। लेकिन इस मामले में भी एक भी आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर पाई है।
मुकदमा-चार
इन तीन केस के अलावा पुलिस ने चौथा मामला सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाने व इसके जरिए माहौल बिगाड़ने के आरोप में दर्ज किया है। इसमें आईटी सेल ने थाना सिविल लाइन में टप्पल कांड को लेकर वाट्सएप, फेसबुक व ट्वीटर पर अभद्र व अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए भावनाओं के भड़काने वाले वायरल हुए संदेशों को आधार बनाकर मुकदमा दर्ज कराया गया था। हैरत की बात यह है कि इस मामले में भी पुलिस अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
शांतिभंग में दो युवा नेता समेत सात लोग जा चुके हैं जेल
नौ जून को महापंचायत को लेकर हुए बवाल के दौरान कस्बे के ही राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष पंकज पंडित और गांव स्यारौल के खुद को भाजपा नेता बताने वाले योगेश चौधरी के बीच वीडियो वायरल को लेकर कस्बे के चौराहे पर नोकझोंक हो गई थी। देखते ही देखते दोनों में मारपीट होने लगी। इससे शांतिभंग की समस्या उत्पन्न होने पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर एसडीएम की कोर्ट में पेश किया, यहां से दोनों को शांतिभंग में जेल भेज दिया। वहीं पड़ोसी गांव कुराना में आपसी झगड़े को लेकर मारपीट करने पर तेजवीर, जोगेंद्र, राकेश, सुनील व कालू को भी शांतिभंग में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

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