दिल्ली

दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल के काफिले को भाजपाइयों ने घेरा, दिखाए काले झंडे

नई दिल्ली। दिल्ली के नरेला की अनाधिकृत कालोनियों में विकास कार्यो का शिलान्यास करने पहुंचे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भाजपा कार्यकर्ताओ ने काले झंडे दिखाकर उनके काफिले का घेराव कर लिया। इस नारेबाजी और हंगामे के बीच केजरीवाल का काफिला करीब 10 मिनट से ज्यादा समय तक वहीं फंसा रहा। भीड़ ने उनकी गाड़ी पर चढ़ने की भी कोशिश की। सरकार ने इसे सुरक्षा में चूक बताया है। पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह सुरक्षा देने में नाकाम रहे है।
दरअसल शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नरेला में विकास कार्यो के शिलान्यास में जाना था। वह नरेला पहुंचे थे उसी समय भाजपा के पूर्व विधायक नीलदमन खत्री के नेतृत्व में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने काले झंडे और भाजपा के झंडे के साथ उनके काफिले के बीच आ गए। वहीं जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते भाजपा कार्यकर्ता मुख्यमंत्री की गाड़ी की चारो तरफ जमा हो गए। सीएम के खिलाफ वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
आम आदमी पार्टी प्रवक्ता ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री पर हमले से साफ है कि भाजपा अनाधिकृत कालोनियों में विकास के खिलाफ है। भाजपा नहीं चाहती की अनाधिकृत कालोनियों में रहने वाले लोगों का जन जीवन ना सुधरे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नरेला में विकास कार्यो का शिलान्यास करने जा रहे थे। मगर भाजपा के गुंडों ने करीब 30 मिनट तक वाहन रोके रखा। पुलिस इस पूरे मामले में मूक दर्शक बनी रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे हमले के लिए भाजपा के साथ पुलिस भी जिम्मेदार है। बार-बार हमला होने के बाद भी पुलिस की सुरक्षा में चूक सामने आ रही है।
उधर भाजपा के पूर्व विधायक व उत्तर पूर्व जिलाध्यक्ष नील दमन खत्री का कहना है कि हम जनता की आवाज बनकर यहां आएं थे। दिल्ली सरकार ने देहात के लोगों के साथ जो वादाखिलाफी की है हम उसके खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उन्होंने हमले की बात से इंकार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उल्टा आम आदमी पार्टी के लोग, विधायक और पुलिस को लोगों ने उनके साथ धक्का मुक्की की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आवाज उठाने का अधिकार है। हम इसी तरह आवाज उठाते रहेंगे।
मुख्यमंत्री पर भाजपा की ओर से हमला निंदनीयः सरकार
नरेला जाते समय मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के वाहन को भाजपा की ओर से रोके जाने को सरकार ने हमला बताते हुए निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है कि जबकि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने काफिले के साथ जा रहे थे तब रूट क्लीयर बताया गया था। ऐसे में अचानक डंडों के साथ उनके वाहन पर हमला कैसे हुआ। सरकार ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाया है।
सरकार ने कहा कि पुलिस की मौजूदगी में बीजेपी के लोग मुख्यमंत्री के वाहन का घेराव करते है। डंडों के साथ उनके चारों तरफ से घेर लेते है। उनके वाहन के ऊपर चढ़कर हाथ मारते है। मुख्यमंत्री के वाहन के चारों तरफ इस तरह घेर लिया जाता है कि उन्हें अंदर से बाहर तक कुछ दिखाई तक नहीं देता है। वहां देखकर ऐसा लग रहा था कि पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री की गाड़ी को सुरक्षा देने के बजाए वहां हमला करने के लिए आए हुए लोगों को सुरक्षा प्रदान कर रहे थे। पुलिस की लापरवाही
बिल्कुल साफ दिख रही थी।
दिल्ली सरकार ने कहा कि शुक्रवार की घटना से साफ है कि दिल्ली पुलिस किसी राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। बीते तीन साल में पुलिस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री के ऊपर यह पांचवा हमला है। पुलिस राजनीतिक दबाव के चलते ऐसे हमले को करवाने में मदद कर रही है। सरकार ने सीधे आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के दबाव में आकर ऐसा कर रही है। सरकार ने मांग की है कि मुख्यमंत्री के वाहन पर हमला करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *