दिल्ली

मनोज तिवारी ने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में राहुल-केजरीवाल को लेकर खोला अहम राज

नई दिल्लीः दिल्ली में भाजपा सातों संसदीय सीटों पर काबिज है, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव के बाद हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) से बुरी तरह पराजित भाजपा 70 में से महज तीन सीटें ही जीत पाई थी। हालांकि, वर्ष 2017 में हुए नगर निगम चुनावों में भाजपा ने 272 में से 181 सीटें हासिल कर वापसी की, लेकिन क्या लोकसभा चुनाव में वह सातों सीटें बरकरार रख पाएगी? क्या हैं उसके सामने चुनौतियां और क्या हैं? उसकी नजर में दिल्ली के प्रमुख मुद्दे क्या हैं? इन पहलुओं पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी से दैनिक जागरण के सहायक संपादक सौरभ श्रीवास्तव ने विशेष बातचीत की। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश:
1. दिल्ली का सियासी मिजाज क्या कहता है?
– दिल्ली का सियासी मिजाज मोदीमय है। मोदी जी की साफ नीयत, समय-समय पर कुछ कड़े फैसले लेना, आतंकवाद और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, सुदूर गांव तक आदिवासियों, व्यापारियों-किसानों को वह जो खुशियां दे रहे हैं, उसका दिल्ली में सकारात्मक असर दिख रहा है। 2014 में जो आस थी, वो अब विश्वास में बदल गई है।
2. पिछले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने भाजपा को बुरी तरह हराया था, अब लोकसभा चुनाव में फिर उसी पार्टी से मुकाबला है, ये जंग कैसे जीतेंगे?
– देखिए, आम आदमी पार्टी 2012-13 में जिस समय आई, अन्ना हजारे, प्रशान्त भूषण जैसे कई जाने-माने लोगों का लाभ लेकर उसके नेताओं ने बड़े-बड़े वादे किए। 15 साल के कांग्रेस के शासन के बाद लोगों को बदलाव की जरूरत थी, लेकिन लोग भूल गए थे कि कांग्रेस की सत्ता से पहले यहां रहे मदन लाल खुराना और साहिब सिंह वर्मा ने दिल्ली के लिए कितना किया था। ऐसे में केजरीवाल की बातों का लोगों ने भरोसा किया और उनके साथ चले गए, लेकिन अब समय बदल चुका है। मैंने दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष के रूप में योजना बनाई और उसपर काम किया। नतीजा यह हुआ कि जो आप 2015 के चुनाव में 70 में से 67 विधायक जीती थी, वो वर्ष 2017 में 272 में से 67 पार्षद भी नहीं जीत सकी। दिल्ली के लोगों ने दुखी होकर उसे दिल से उतार दिया। मुफ्त पानी देने की बात कही गई थी, लेकिन लोगों को पानी तक नहीं मिल पा रहा। बिजली आधे मूल्य पर देने की बात थी, लेकिन बिजली का दाम स्थिर रखकर फिक्स्ड रेड बढ़ा दिया गया।
– उन्होंने काम किया होता तो 2015 में प्रचंड बहुमत पाने वाली पार्टी को दो साल बाद ही उसी दिल्ली में जनता ने क्यों गिरा दिया। जनता ने ऐसा धोखा पाया कि उसे लगता है कि उसने आप को चुनकर बहुत बड़ा पाप कर दिया। 272 में मात्र 48 पार्षद उन्हें मिले। केजरीवाल ने केंद्र की योजनाओं पांच लाख का मुफ्त इलाज व गरीबों के लिए दस फीसद आरक्षण रोक दिया। लोगों को समझ आ गया है कि केजरीवाल दिल्ली के काम रोककर मोदी जी को बदनाम करना चाहते हैं।
4. क्या भाजपा 2014 का प्रदर्शन दोहरा पाएगी?
– पहले से ज्यादा अंतर से दोहराएंगे। हमने विश्वास जीता है। AAP जैसे राजनीतिक दल अपने भ्रष्टाचार से, अपनी देशविरोधी सोच से अपने आप ही खत्म हो जाएंगे। जनता तय करेगी कि उसे क्या मिला। साफ पानी नहीं मिला, नया स्कूल नहीं मिला, बसों में मार्शल नहीं मिले, नई बसें नहीं मिलीं, इलेक्ट्रिक बसें नहीं मिलीं, नए कॉलेज नहीं मिले, वाईफाई नहीं मिला। चुनाव आया तो केजरीवाल भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसा नारा लगाने वालों के साथ खड़े हो गए। वो मेरा पांच साल का रिपोर्ट कार्ड देने बैठे हैं। मेरा रिपोर्ट कार्ड कोई भी देखेगा तो उसे गर्व होगा कि जिस सांसद को पांच करोड़ रुपये प्रतिवर्ष मिलते हैं, उसने अपने लोकसभा क्षेत्र में आठ हजार करोड़ रुपये लगा दिए। मैंने अपने क्षेत्र में पहला सेंट्रल स्कूल बनवाया, मैं मेट्रो लेकर अपने क्षेत्र में पहुंचा। मैं पहली बार ट्रेन लेकर आया, मीत नगर सबोली हाल्ट स्टेशन पर रुका और पासपोर्ट कार्यालय बनवाया। शास्त्री पार्क से खजूरी के डेढ़ घंटे के रास्ते को तीन मिनट में पूरा कराऊंगा। आप सरकार के एक मंत्री ने कहा कि हम दोनों साथ में प्रेस वार्ता करें। मैं कहता हूं कि अर¨वद केजरीवाल या मनीष सिसोदिया मेरे साथ बैठें और मैं लोगों को बताऊंगा कि किस तरह आप उनके लिए अभिशाप बन गई है।

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