उत्तर प्रदेश

रैपिड रेल के स्टेशनों पर होंगे शॉपिंग मॉल , दुहाई-मोदीपुरम में हब

मेरठ। सराय काले खां दिल्ली से मेरठ तक प्रस्तावित हाई स्पीड ट्रेन (रैपिड रेल) के प्रोजेक्ट के तहत गाजियाबाद में गुलधर और दुहाई स्टेशन के पास कॉमर्शियल हब विकसित किया जाएगा। मोदीपुरम डिपो के आसपास का क्षेत्र इंस्टीट्यूशनल हब बनेगा। रैपिड रेल के स्टेशनों के पास शॉपिंग मॉल बनाए जाएंगे। इनमें स्टेशन से सीधे कनेक्टिविटी होगी ताकि आप आसानी से खरीद दारी कर सकें।
रैपिड रेल के इस प्रोजेक्ट पर 30 हजार 274 करोड़ खर्च होंगे। इसके लिए यूपी सरकार, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को भी शेयर देना है। एनसीआरटीसी के प्लान के अनुसार रैपिड रेल ट्रैक के सहारे ट्रांस ओरियंटेड डेवलपमेंट जोन बनाए जाएंगे। गुलधर स्टेशन के आसपास वेयर हाउस होंगे तो दुहाई स्टेशन के आसपास कामर्शियल हब होगा। मेरठ में परतापुर इंटरचेंज और मोदीपुरम भी बिजनेस सेंटरों के रूप में डैवलप होंगे। एनसीआरटीसी ने रैपिड रेल के लिए एक फीसदी सेस वसूले जाने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही मेरठ और गाजियाबाद जिले में स्टांप ड्यूटी बढ़ाने, एक्स्ट्रा डेवलपमेंट चार्ज (ईडीसी) बढ़ाने, फ्लोर एरिया रेश्यो बढ़ाने के साथ मिश्रित भू-उपयोग के चार प्रस्ताव भी दिए हैं। एनसीआरटीसी ने प्रोजेक्ट के लिए फाइनेंशियल सपोर्ट तैयार करने का पूरा प्लान तैयार किया है।
बेहद सस्ता होगा रैपिड रेल का सफर
160 किमी की अधिकतम और 100 किमी की औसत स्पीड वाली रैपिड रेल की सवारी सिर्फ 2 रुपए प्रति किमी खर्च पर मिलेगी। डीपीआर में जो प्रोजेक्टेड किराया दिया गया है, वह औसतन 2 रुपए से 2.25 रुपए के बीच है, जबकि दिल्ली मेट्रो का शुरुआती 12 किमी तक औसत किराया 2.50 रुपए से 5 रुपए के बीच है। वहीं मेट्रो में 12-21 किमी तक यात्रा करने में सोमवार से शनिवार तक 40 रुपए चुकाने होते हैं।
नौकरी, बाजार, कारोबार सब दौड़ेंगे रैपिड ट्रैक पर
मेरठ समेत एनसीआर के तमाम शहरों में रैपिड और मेट्रो रेल रोजगार, बाजार, कारोबार के लिए मददगार होगी। एनसीआर में 58 हजार वर्ग किलोमीटर में करीब 46 मिलियन लोग रहते हैं। एनसीआर की 39 प्रतिशत आबादी दिल्ली में रहती है, जो क्षेत्रफल में पूरे एनसीआर का महज तीन फीसदी है। देश के जीडीपी में एनसीआर की हिस्सेदारी सात फीसदी है। ऐसे में दिल्ली पर आबादी का दबाव कम करने और पूरे एनसीआर को करीब लाने में रैपिड रेल अहम भूमिका निभाएगी। रैपिड रेल जहां समय, पर्यावरण और धन बचाएगी वहीं आर्थिक तौर पर भी बड़े बदलाव लाएगी।
लेडीज और बिजनेस क्लास कोच होंगे रिजर्व
रैपिड रेल 3 कोच के सेट में चलेगी, जिसे अधिकतम 9 कोच तक बढ़ाया जा सकेगा। इसमें लेडीज स्पेशल और बिजनेस क्लास कोच रिजर्व होंगे। बिजनेस क्लास के कोच का किराया अधिक रखा जाएगा। सामान के लिए भी एयरपोर्ट मेट्रो की तरह अलग से कोच में जगह होगी।
कॉरिडोर पर हर 5-10 मिनट में मिलेगी ट्रेन
रैपिड रेल से एनसीआर के यूपी, हरियाणा और राजस्थान के शहरों में जाने के लिए स्टेशन पर ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। हर 5-10 मिनट में रैपिड रेल दिल्ली से मेरठ, अलवर और पानीपत के रूट के लिए आएगी और जाएगी। जब तीनो कॉरिडोर बन जाएंगे तो एक ही ट्रेन में सवार होकर यूपी, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान के शहरो में स्टेशन वाले शहरों में पहुंच सकेंगे।
ये बड़े इंटरचेंज प्वाइंट होंगे
कश्मीरी गेट, सराय काले खां, आनंद विहार, एयरपोर्ट, इफको चौक, मोहननगर बड़े इंटरचेंज प्वाइंट होंगे। यहां से यात्री मेट्रो, बस और भारतीय रेल से सीधे जुड़ेंगे। रैपिड रेल से आने वाले यात्रियों के लिए दिल्ली में ट्रैफिक को स्मार्ट किया जाएगा।
तीन बस टर्मिनल और हवाई अड्डा जुड़ेगा
रैपिड रेल से दिल्ली के तीन बस टर्मिनल और हवाई अड्डा जुड़ेगा। सराय काले खां के साथ आनंदविहार और कश्मीरी गेट बस अड्डा रैपिड रेल से सीधे जुड़ेगा। कश्मीरी गेट पर मेट्रो और बस अड्डे को रैपिड रेल नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है।

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