सेहत

लो ब्लड प्रेशर की है समस्या तो अपनाएं यह अचूक नुस्खे

हेल्दी रहने के लिए दिन में दो से तीन पानी पीने की सलाह तो हर व्यक्ति को दी जाती है। लेकिन हाइपोटेंशन से पीडि़त लोग पानी के अतिरिक्त नारियल पानी, बेल का शरबत व आमपन्ना आदि अपनी डाइट में शुमार अवश्य करें।
आपने हाइपरटेंशन या उच्चरक्तचाप की समस्या के बारे में अवश्य सुना होगा। अमूमन लोग इस स्थित किो काफी गंभीर मानते हैं लेकिन निम्न रक्तचाप की समस्या भी उतनी ही गंभीर है। निम्नरक्तचाप या हाइपोटेंशन के कारण व्यक्ति के हद्य, मस्तिष्क व शरीर के अन्य अंगों में रक्त प्रवाह ठीक तरह से नहीं होता, जिससे कई तरह की परेशानियां खड़ी होती है। हाइपोटेंशन में व्यक्ति को थकान, हल्का सिरदर्द, जी मचलाना, बेहोशी या धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण नजर आते हैं। वैसे तो हाइपोटेंशन का इलाज करने के लिए दवाईयों का सेवन किया जाता है, लेकिन आप कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी स्थित पिर काबू पा सकते हैं−
हाइपोटेंशन की समस्या से जूझ रहे लोगों को दो मील के बीच कुछ हेल्दी स्नैकिंग अवश्य लेनी चाहिए। इससे भोजन के तुरंत बाद रक्तचाप गिरने की समस्या से बचने में मदद मिलती है। लो ब्लडप्रेशर से पीडि़त लोगों को दिन में तीन बार भोजन करने की बजाय उसे पांच छोटे−छोटे भागों में बांटकर करना चाहिए। वैसे यह उपाय हाइपोटेंशन के साथ−साथ डायबिटीज के मरीजों के लिए भी लाभकारी है।
तरल पदार्थों की अधिकता
हेल्दी रहने के लिए दिन में दो से तीन पानी पीने की सलाह तो हर व्यक्ति को दी जाती है। लेकिन हाइपोटेंशन से पीडि़त लोग पानी के अतिरिक्त नारियल पानी, बेल का शरबत व आमपन्ना आदि अपनी डाइट में शुमार अवश्य करें। यह आपके शरीर में तरल पदार्थों को बनाए रखने के लिए इलेक्टोलाइट्स प्रदान करेंगे।
कैफीन आएगी काम
लो ब्लडप्रेशर से पीडि़त लोगों के लिए कैफीन युक्त पेय पदार्थ जैसे चाय या कॉफी का सेवन करना अच्छा माना जाता है। यह अस्थायी रूप से ब्लड प्रेशर को बूस्टअप करने में मदद करता है। जब भी आपका रक्तचाप अचानक से कम हो जाए तो एक कप चाय या कॉफी का सेवन करना काफी अच्छा रहेगा।
चबाएं तुलसी की पत्तियां
तुलसी के औषधीय गुणों से तो हर कोई वाकिफ है। इसके गुणों के कारण ही माना जाता है कि हर घर में एक तुलसी का पौधा तो होना ही चाहिए। अन्य कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के साथ−साथ यह निम्न रक्तचाप के उपचार में भी मददगार है। इसके निदान के प्रतिदिन सुबह छह से सात पत्तियां तुलसी की चबाएं। तुलसी के पत्तों में मौजूद पोटेशियम, मैग्नीशियम व विटामिन सी रक्तचाप को नियमित करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त तुलसी के पत्तो में यूजेनॉल नामक एंटी−ऑक्सीडेंट भी पाया जाता है जो रक्तचाप की समस्या का उपचार करता है।

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