दिल्ली

स्वच्छ हवा के लिए 102 शहरों में अभियान, सरकार खर्च करेगी 300 करोड़ रुपये

नई दिल्ली| केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने दिल्ली समेत देश के 102 शहरों में प्रदूषण की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम (एनसीएपी) शुरू कर दिया है।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने गुरुवार को यह कार्यक्रम आरंभ किया। इसमें उत्तर प्रदेश के 15, बिहार के तीन, उत्तराखंड के दो तथा झारखंड का एक शहर शामिल है। कार्यक्रम पर अगले दो साल में तीन सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
हर्षवर्धन ने कहा, इस कार्यक्रम के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के इन शहरों में प्रदूषण की निगरानी के लिए उपकरणों की स्थापना, प्रदूषण के कारणों का पता लगाना तथा उनकी रोकथाम के लिए आवश्यक उपाय करना शामिल है। जिस प्रकार से प्रदूषण की रोकथाम के प्रयास दिल्ली में किए जाते हैं, करीब-करीब वैसे ही उपाय भविष्य में इन शहरों में किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम में अभी सर्वाधिक प्रदूषित शहरों की सूची में शामिल शहरों को शामिल किया गया है। भविष्य में इनमें और शहरों को भी शामिल किए जाने की योजना है।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम के तहत 2024 तक इन शहरों के प्रदूषण में 20-30 फीसदी कमी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पांच साल की योजना है जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। अब तक 40 से भी अधिक शहरों की तरफ से प्रदूषण की रोकथाम के लिए कार्य योजना पेश की जा चुकी है। अगले दो-तीन महीनों में सभी शहरों को यह योजना सौंपनी होगी। इसके बाद नए वित्तीय वर्ष में इन राज्यों को सीपीसीबी के जरिये 150 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे।
इनमें से ज्यादातर शहर ऐसे हैं जिनमें अभी प्रदूषण की निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। सरकार का मानना है कि निगरानी से आंकड़े सामने आएंगे। उसके बाद प्रदूषण के स्रोत का पता लगाना संभव होगा। स्रोत पता चलने के बाद उसकी रोकथाम के उपाय होंगे।
उत्तर प्रदेश के 15 शहर
राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के जिन 15 शहरों को शामिल किया गया है, उनमें आगरा, इलाहाबाद, अनपारा, बरेली, फिरोजाबाद, गजरौला, गाजियाबाद, झांसी, कानपुर, खुर्जा, लखनऊ, मुरादाबाद, नोएडा, रायबरेली तथा वाराणसी शामिल हैं।
बिहार के तीन शहर
पटना, गया तथा मुजफ्फरपुर
उत्तराखंड के दो शहर
काशीपुर और ऋषिकेश
झारखंड का एक शहर
धनबाद

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *